October 4, 2022, 7:03 pm
Homeछत्तीसगढ़CG: हेड कॉन्स्टेबल ने सहायक उप निरीक्षक को मारी गोली, उसी रायफल...
advertisementspot_img
advertisement

CG: हेड कॉन्स्टेबल ने सहायक उप निरीक्षक को मारी गोली, उसी रायफल से खुद को भी मारी गोली

advertisement

बस्तर-छत्तीसगढ़ से लगी तेलंगाना की सीमा पर CRPF जवानों मेंरविवार को सुबह हुए खूनी संघर्ष की खबर आ रही है। यहां CRPF की 39वीं वाहिनी के हेड कांस्टेबल(HC) ने उसी कैंप मं पोस्टेड ASI पर दनादन गोलियां दाग दीं। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद उसी रायफल से खुद को भी गोली मार कर खुदकुशी की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल HC को वारंगल अस्पताल में भर्ती कराया गया।जहां उसके स्वास्थ्य पर डॉक्टर्स नजर रखे हुए हैं।

आखिर क्या है पूरा मामला

छत्तीसगढ़ के कोंटा से लगे तेलंगाना के मुलुगु जिल में CRPF कैंप में रविवार की सुबह 8:40 बजे सीआरपीएफ के ASI उमेश चंद्र और HC स्टीफन के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद तैश में आए हेड कांस्टेबल (HC) स्टीफन ने अपनी रायफल स ASI पर दनादन गोलियां दागनी शुरू कर दी। गोलियां लगते ही उमेश चंद्र मौके पर ही ढेर होगया। इसके बाद HC स्टीफन ने उसी रायफल से खुद पर भी एक फायर किया। वह बुरी तरह घायल होकर तड़पने लगा।

फायरिंग की आवाज सुनते ही तेजी से जवान लपके

जैसे ही फायरिंग की आवाज CRPF के जवानों के कानों में पड़ी वे लोग जिधर से आवाज आई थी उस ओर तेजी से लपके। मौका-ए वारदात पर पहुंच कर देखा तो वहां हेड कांस्टेबल तड़प रहा था। और ASI की जान जा चुकी थी। तत्काल इसकी सूचना आला अफसरों को दी गई। देखते ही देखते CRPF के आला अधिकारी भी मौके पर जा पहुंचे। मामले की तहकीकात शुरू हो चुकी है। तमाम तरह के सुबूत जुटाए जा रहे हैं।

मजाक-मजाक में बस्तर में जा चुकी 20 से ज्यादा की जान

कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के लिंगनपल्ली CRPF कैंप में भी एक जवान ने अपने 7 साथियों को गोलियों से भून दिया था। इस घटना में 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के एक दिन बाद पूछताछ में आरोपी जवान ने बताया था कि साथी उसकी पत्नी को कच्ची कली बोलते थे। मजाक-मस्ती करते थे। इस लिए सभी को मौत की सजा दे दी।

पिछले 3-4 सालों में ऐसी ही घटनाओं में 20 से ज्यादा जवानों ने अपनी जान गंवाई है। सबसे ज्यादा नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा स्थित सुरक्षा बलों के कैंप में इस तरह की घटनाएं हुई हैं।

इस तरह की घटनाओं में सबसे ज्यादा CRPF के 9 जवानों की मौत हुई है, जबकि ITBP के 6 और CAF को 5 जवानों का नुकसान झेलना पड़ा है। इनमें से ज्यादातर घटनाएं रात के समय ही हुई हैं। जब सभी जवान ड्यूटी खत्म होने के बाद महफिल में बैठते और एक दूसरे से मस्ती-मजाक करने लगते हैं।

लोगों का मानना है कि ऐसे ही किसी मजाक की परिणति आज इस रूप में देखने को मिली। ऐसे में अब सवाल तो ये उठता है कि हमेशा तनाव में रहने वाले जवानों को उससे राहत देने का और कौन सा तरीका हो सकता है।

advertisement
advertisement
advertisement
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments

advertisement
advertisement
advertisement

Most Popular

Recent Comments

advertisement
%d bloggers like this: